हथकड़ी लगाने हेतु सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइन

हथकड़ी का प्रयोग केवल तभी किया जाना चाहिए जब कोई व्यक्ति : क) गंभीर गैर-जमानती अपराधों में शामिल हो, पहले किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया जा चुका है; और/या ख) हताश चरित्र का है-हिंसक, उच्छृंखल या बाधक; और/या ग)
हथकड़ी का प्रयोग केवल तभी किया जाना चाहिए जब कोई व्यक्ति : क) गंभीर गैर-जमानती अपराधों में शामिल हो, पहले किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया जा चुका है; और/या ख) हताश चरित्र का है-हिंसक, उच्छृंखल या बाधक; और/या ग)
Handcuffing guidelines

प्रेम शंकर शुक्ला V दिल्ली प्रशासन 1980 SCC 526

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हथकड़ी लगाने पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश:

  1. हथकड़ी का प्रयोग केवल तभी किया जाना चाहिए जब कोई व्यक्ति : क) गंभीर गैर-जमानती अपराधों में शामिल हो, पहले किसी अपराध के लिए दोषी ठहराया जा चुका है; और/या ख) हताश चरित्र का है-हिंसक, उच्छृंखल या बाधक; और/या ग) आत्महत्या करने की संभावना है; और/या d) भागने की कोशिश करने की संभावना है।
  2. हथकड़ी क्यों लगाई गई है इसका कारण दैनिक डायरी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाना चाहिए। उन्हें भी कोर्ट में दिखाना होगा।
  3. एक बार गिरफ्तार व्यक्ति को अदालत में पेश करने के बाद, एस्कॉर्टिंग अधिकारी को अदालत से हिरासत के स्थान पर उसे हथकड़ी लगाने से पहले अदालत की अनुमति लेनी चाहिए।
  4. गिरफ्तार व्यक्ति को जिस मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाता है, उसे पूछताछ करनी चाहिए कि क्या हथकड़ी या बेड़ियों का इस्तेमाल किया गया है। यदि उत्तर हाँ है, तो संबंधित अधिकारी को स्पष्टीकरण देना चाहिए।
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